35 वर्षों बाद बना योग, रवि शुक्ल योग और रेवती नक्षत्र में मनेगी वसंत पंचमी मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे, तैयारियां शुरू


भोपाल। वसंत पंचमी का पर्व 14 फरवरी को शुभ योग में मनाया जाएगा। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत पंचमी मनाई जाती है। विशेष बात यह है कि इस दिन रवि, शुक्ल, शुभ योगों व रेवती नक्षत्र का संयोग बन रहा है। यह दुर्लभ संयोग 35 वर्ष बाद बन रहा है। इन शुभयोगों में सरस्वती पूजन इस बार दोगुना शुभ फलदायक होगा।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 13 फरवरी दोपहर 2.41 से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 14 फरवरी दोपहर 12.09 पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, पंचमी तिथि 14 फरवरी को होगी।

पूजन का मुहूर्त

पंचांग के अनुसार 14 फरवरी को सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त 5 घंटा 35 मिनट तक है। पूजा का समय सुबह 7.01 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा। इस में माता सरस्वती की पूजा शुभ व श्रेष्ठ होगी।

मंदिरों में उमड़ेगी भीड़

मंदिरों में वसंत पंचमी को मनाने की तैयारी की जा रही है। विद्वानों के अनुसार सरस्वती पूजा और वसंत पंचमी तिथि के दिन शुभ योग, शुक्ल योग, रवि योग और रेवती नक्षत्र का निर्माण हो रहा है। 14 फरवरी को शुभ योग सुबह 7.55 तक रहेगा। इसके बाद शुक्ल योग शुरू हो जाएगा। वहीं रवि योग सुबह 10.43 से 15 फरवरी सुबह 7 तक रहेगा। रेवती नक्षत्र सुबह 10.43 तक रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। पं. विष्णु राजौरिया ने बताया कि वसंत पंचमी रेवती नक्षत्र के साथ इन तीन शुभयोगों का संयोग अत्यंत दुर्लभ है। 35 वर्ष पूर्व 1989 में यह संयोग बना था।

इस साल वसंत पंचमी पर नहीं हो पाएंगी शादियां

14 फरवरी को वसंत पंचमी है। इसे शादी के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है, लेकिन इस बार वसंत पंचमी पर अश्विनी नक्षत्र रहेगा। ज्योतिषियों के मुताबिक इस नक्षत्र में शादी नहीं की जाती है। इस कारण वसंत पंचमी पर विवाह मुहूर्त नहीं रहेगा।

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