मनोहारी रूपों में विराजित होंगी सरस्वती मां सरस्वती


भोपाल(नप्र)। इस वर्ष 14 फरवरी को वसंत पंचमी और विवाह, शुभकार्यों का अबूझ मुहूर्त है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। वसंत पंचमी का दिन मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन राजधानी में जगह-जगह मां सरस्वती की मनोहारी प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। बीते कुछ वर्ष से वसंत पंचमी पर माता सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित करने का चलन बढ़ा है। पूर्व मंत्री उमाशंकर की ओर से शहर के 28 स्थानों पर मां सरस्वती को विराजित किया जाएगा। इसमें प्रोफेसर कालोनी प्रताप नगर, भारता माता चौराहा, बरखेड़ी खुर्द, नया बसेरा, आराधना नगर, हर्षवर्धन नगर, सरस्वती नगर, चार इमली, पंचशील नगर सहित कुल 28 स्थानों पर मां सरस्वती को विराजित किया जाएगा। उनकी पूजा-अर्चना श्रद्धालु आएंगे। प्रसादी का वितरण किया जाएगा।


16 को होगा प्रतिमा विसर्जन


भोपाल में पिछले 12 सालों से वसंत पंचमी पर विभिन्न वार्डों के 12 स्थानों पर मां सरस्वती का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। अब यह उत्सव 12 की जगह 28 स्थानों पर मनाया जाएगा। माता सरस्वती जयंती महोत्सव के अवसर पर 14 फरवरी से 28 जगहों में माता सरस्वती की तीन दिवसीय वैदिक विधि विधान से आराधना की जाएगी। पूर्व विधायक उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि 13 फरवरी को प्रतिमाएं विराजेंगी। 16 फरवरी को प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।


मौसम भी हुआ वसंती


ऋतुराज वसंत के आगमन का संकेत देते हुए खेत-खलिहान और फुलवारियों में फूलों की खुशबू बिखर रही है। प्रकृति के इस रंग में रंगकर लोग पीले रंग के परिधान पहन रहे हैं। शीत का असर कम हो गया है। प्रकृति दर्शनीय हो गई है। आम के पेड़ों में बौर आ गई हैं। ज्योतिर्विदों के अनुसार पीले रंग का जुड़ाव अध्यात्म साधना से है। विद्यार्थी, कला व साहित्य से जुड़े लोग भगवती शारदा की उपासना कर उन्नति की प्रार्थना करेंगे। शिक्षण प्रशिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजन कार्यक्रम किए जाएंगे।


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