नगरपालिका की लापरवाही का खामयाजा भुगत रहे 50 स्कूल , शैक्षणिक सत्र निकला महिला समूहों को नहीं दिया मध्यान्ह भोजन का काम


-प्रतीक खरे



छतरपुर। कुछ भी अच्छा न करने की कसम खा चुकी छतरपुर नगर पालिका की लापरवाही का छतरपुर शहर के 50 से अधिक शासकीय स्कूल खामयाजा भुगत रहे हैं और सब्जी-भाजी खरीदने से लेकर मध्यान्ह भोजन के बर्तन उठाने में लगे हुए हैं। कई स्कूल प्रमुखों ने बताया कि नगर पालिका द्वारा मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था हेतु पूरा सत्र निकल जाने के बाद भी समूहों को काम आवंटित नहीं किया है जिस कारण शिक्षकों को शिक्षकीय कार्य के अतिरिक्त मध्यान्ह भोजन बनवाने में अपना समय जाया करना पड़ रहा है जिससे पूरे सत्र बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती रही है। नगर पालिका की लापरवाही की हद देखिये कि सीएम राईज स्कूल के प्राचार्य ने मध्यान्ह भोजन का काम समूह को आवंटित करने के लिए जुलाई 2023 में पत्र लिखा था यह पत्र 25 जुलाई को नगर पालिका पहुंच भी गया पर कुम्भकर्ण की नींद में सो रहे नगर पालिका के अधिकारियों ने इस पर कोई कार्यवाही नहीं की।

क्या है नियम

मध्यप्रदेश शासन ने एक आदेश जारी कर पूरे प्रदेश के शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का काम महिला स्व सहायता समूहों से कराने के निर्देश जारी किए थे। शासन के निर्देशानुसार संपूर्ण मध्यप्रदेश सहित छतरपुर जिले के सभी शासकीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का काम महिला स्व सहायता समूहों की मदद से कराया जा रहा है। पूरे प्रदेश में केवल छतरपुर नगर पालिका एक मात्र ऐसी लापरवाह नगर पालिका है जिसने पूरे एक सत्र तक मध्यान्ह भोजन बनाने का काम शिक्षकों के कंधों पर रखा और महिला स्व सहायता समूहों को इस काम से दूर रखा जबकि छतरपुर नगर पालिका में चेयरमैन भी महिला है और मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी महिला है फिर भी इन दोनों महिलाओं ने महिलाओं को एक साल तक उनके हक से वंचित रखा और जून 2023 से लेकर 1 फरवरी तक छतरपुर नगरीय सीमा के अंदर संचालित किसी भी शासकीय स्कूल में मध्यान्ह भोजन पकाने का काम किसी भी महिला स्व सहायता समूह को नहीं सौंपा।


8 माह में 8 सौ मीटर नहीं चला पत्र


नगर पालिका क्षेत्र में संचालित अधिकांश शासकीय स्कूल प्रमुखों ने जुलाई माह में ही नगर पालिका से पत्राचार कर स्व सहायता समूहों को मध्यान्ह भोजन का काम आवंटित करने की गुहार लगाई थी तब से लेकर आज तक नगर पालिका के कर्मचारी केवल यही कह रहे हैं कि उनके पत्राचार पर जिला पंचायत से मार्ग दर्शन मांगा जा रहा है पर बिडम्बना देखिये कि नगर पालिका से जिला पंचायत कार्यालय की दूरी सिर्फ 800 मीटर है लेकिन मार्ग दर्शन मांगने वाला यह पत्र 8 माह में 800 मीटर भी नहीं चल सका। इस संबंध में जब स्व सहायता समूह एवं एमडीएम प्रभारी चन्द्रप्रकाश गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में शीघ्र ही पत्राचार कर महिला स्व सहायता समूहों का चयन कर जिला पंचायत को भेज देंगे।

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