छिंदवाड़ा से सचिन गंगराड़े/रोशन नेमा
लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण के तहत शुक्रवार (19 अप्रैल, 2024) को वोट डाले जाएंगे. देश में इस दौरान 21 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 102 सीटों पर मतदान होगा. जिसमें मध्यप्रदेश की 6 सीटों छिंदवाड़ा, बालाघाट, जबलपुर, मंडला, सीधी, शहडोल में चुनाव होना है।
102 में सबसे हॉट सीट बनी छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा सीट पहले चरण के चुनाव में सबसे हॉट सीट बनकर उभरी है। राजनीति में किंग मेकर के नाम से पहचाने जाने वाले, कॉरपोरेट लीडर के रूप में दुनिया भर में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले और राजनितिक पूंजीपतियों की लिस्ट में शीर्ष क्रम में स्थान रखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री, मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं 45 वर्ष से छिंदवाड़ा सीट के स्थापित नेता कमलनाथ को भाजपा संगठन से मिल रही सीधी चुनौती है।
प्रत्याशियों के हाथ में नहीं चुनाव मैनेजमेंट
छिंदवाड़ा लोकसभा में मुख्य मुकाबला भाजपा के बंटी विवेक साहू और नकूलनाथ के बीच है। वास्तविक रूप से देखें तो छिंदवाड़ा में राजनीतिक चौसर का खेल कमलनाथ और कैलाश विजयवर्गीय के बीच है। कमलनाथ ने 45 सालों में व्यक्तिगत व्यवहार और मैंजमेट से अभेद किला तैयार किया हुआ है। वही भाजपा ने पिछले 2 लोकसभा चुनावों की ऐतिहासिक मोदी लहर के बावजूद छिंदवाड़ा में मिली पटकनी के बाद रणनीति बदलते हुए प्रत्याशी को नाम मात्र का बनाते हुए पूरे चुनाव की बागडोर सीधे केंद्रीय मंत्री अमित शाह की निगरानी में सेनापति मध्यप्रदेश में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को सौप दी है। वही नकुलनाथ इस बार भी केवल जनता से मेलजोल कर रहे है पूरे चुनावी मैजमेट कमलनाथ अपनी निगरानी में कर रहे है।
पहली बार दबाव में कमलनाथ
चुनाव प्रचार थम चुका है पूरे चुनाव प्रचार में कमलनाथ अपने परिवार के साथ क्षेत्र में चुनाव प्रचार करते रहे, कांग्रेस के किसी भी शीर्ष नेता ने छिंदवाड़ा का दौरा नही किया वही भाजपा से प्रधानमंत्री मोदी ने छिंदवाड़ा लोकसभा की जुन्नरदेव विधानसभा (आदिवासी सीट) से सटे पिपरिया में सभा की, अमित शाह रात रुके, रैली और सभा हुई, पूर्व मुख्यमत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभा की और पिछड़े वर्ग के स्थानीय नेताओं से चर्चा की, मुख्यमत्री डॉ मोहन यादव रात रुके, आधा दर्जन से ज्यादा सभा की, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने सभा की, प्रदेश सरकार में कैलाश विजयवर्गीय स्थाई रूप से क्षेत्र में रहे भाजपा के अंदरूनी मतभेद खत्म करते रहे।
भाजपा में कांग्रेस विधायक और नेताओं के जाने कमलनाथ असहज दिखे, नजदीकी साथियों पर छापे, शिकायत से दबाव में दिखे कमलनाथ
44 साल से अजेय कमलनाथ परिवार के सामने बीजेपी ने इस बार कड़ी चुनौती पेश कर दी है। कमलनाथ परिवार पहली बार मुश्किल में दिखाई दे रहा है। इसका कारण बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार की वे योजनाओं है, जिसका लाभ जनता को सीधे मिल रहा है।
सरकार की योजनाओं पर भारी नाथ के व्यक्तिगत संबध
कमलनाथ भी अपने छिंदवाड़ा विकास मॉडल और 45 साल के अपने व्यक्तिगत संबंधों को लेकर लोगों से वोट मांग रहे हैं।
विदित है कि छिंदवाड़ा लोकसभा में केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं पर कमलनाथ के व्यक्तिगत काम हमेशा से ही भारी रहे है। 1980 से एक चुनाव को छोड़ दे तो 2014 और 2019 की मोदी लहर में भी नाथ अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे है। इसका कारण नाथ परिवार का जनता को सीधे लाभ पहुंचाने का फार्मूला ही है। किसी की गंभीर बीमारी का इलाज हो या परिवार के अन्य आर्थिक मसले ,नाथ परिवार ने अपने वोटरों का सीधा ख्याल रखा है। क्षेत्र के में किसानी करने वाले लोगो से लेकर मजदूरी करने वालो की माने तो उन्हें आर्थिक सहायता शासन से पहले नाथ परिवार से प्राप्त हो जाती है, यही कारण है कि जनता अब तक मजबूती से नाथ परिवार के साथ खड़ी रही है। उनके यही संबंध भाजपा के लिए तकलीफदेय हो सकते है।
ब्रांड मोदी भी एक बड़ा फेक्टर , केंद्र की योजनाएं कारगर ,लाड़ली भी गेमचेंजर
हालांकि विगत 44 वर्षों से नाथ परिवार के साथ खड़ी जनता को लेकर कुछ लोग इस बार ससंकित भी नजर आ रहे है। इसका कारण विगत वर्षों में मोदी सरकार एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलना बताया जा रहा है। शहरी बाजार में फुटकर ठेला लगाने वाले से लेकर ग्रामीण क्षेत्र में वनोपज बीनने वाले आदिवासियों की माने तो उन्हें केंद्र की प्रधानमंत्री आवास योजना , आयुष्मान भारत योजना , पांच किलो राशन सहित राज्य सरकार की लाडली बहना योजना का सीधा लाभ मिला है। उसपर ब्रांड मोदी भी एक बड़ा फेक्टर बना हुआ है , जो लगातार इन लोगो के बीच चर्चा का विषय है। ब्रांड मोदी एवं शासकीय योजनाएं इस बार भाजपा के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
भाजपा को राम लहर का आसरा, लेकिन नाथ भी है दमदार
अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर को भाजपा ने मौजूदा लोकसभा चुनाव में प्रमुख मुद्दा बनाया हुआ है। छिंदवाडा भी इससे अछूता दिखाई नहीं दे रहा है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगे भगवा झंडे इस बात की गवाही दे रहे है कि लोग भाजपा के इस काम से खुश है। हालांकि भाजपा जहां कांग्रेस को देशभर में लगातार राम विरोधी साबित करने में सफल हो रही हो ,लेकिन छिंदवाड़ा में उसकी यह युक्ति कमलनाथ की हनुमान भक्त की छवि के आगे कितना असर डाल पाएगी यह अभी कहना मुश्किल होगा । इसका कारण विगत वर्षों में भाजपा ने जितनी भी बार नाथ परिवार को राम विरोधी या हिन्दू विरोधी बताने की कोशिश की है ,उतनी ही बार नाथ भाजपा पर इक्कीस साबित हुए है।

