AAP News: आम आदमी पार्टी (आप) नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह बुधवार (3 अप्रैल) को जेल से बाहर आ गए. दरअसल, संजय सिंह की जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनकी जमानत पर आपत्ति जताने से इनकार कर दिया. इस तरह संजय सिंह की बेल का रास्ता साफ हो गया और वह छह महीने तिहाड़ जेल में बिताने के बाद बाहर आए. संजय सिंह के इंतजार में उनके समर्थकों की भीड़ जेल के बाहर खड़ी थी.
हालांकि, राज्यसभा सांसद संजय सिंह को भले ही जमानत मिल गई है, लेकिन अभी भी उनके तीन साथी जेल में ही हैं. इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन शामिल हैं. केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया है और वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर संजय सिंह की किस मामले में गिरफ्तारी हुई थी और उन्होंने जेल से बाहर आने के बाद क्या-क्या कहा है.
ED को गिरफ्तारी की चुनौती देते थे संजय सिंह
संजय सिंह की पहचान आम आदमी पार्टी के सबसे बेबाक नेताओं के तौर पर होती है. वह दिल्ली शराब नीति मामले में सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद केंद्र सरकार पर हमलावर हो गए थे. बीजेपी नेताओं की तरफ से कहा जा रहा था कि शराब नीति घोटाले में संजय सिंह का भी हाथ है. ईडी की चार्जशीट में नाम आने के बाद तो बीजेपी और भी ज्यादा हमलावर हो गई थी. यही वजह थी कि संजय रोजाना ईडी को चुनौती देते थे कि वह आकर उन्हें गिरफ्तार कर ले.
किस मामले में गिरफ्तार हुए थे संजय सिंह?
संजय सिंह की गिरफ्तारी 4 अक्टूबर, 2023 को दिल्ली शराब नीति मामले में हुई थी. गिरफ्तारी से पहले उनसे 10 घंटे तक पूछताछ हुई थी. शराब नीति मामले में आरोपी से सरकारी गवाह बने दिनेश अरोड़ा ने ईडी को बताया था कि उसने संजय सिंह के कहने पर आप के लिए चंदा जुटाने का काम किया. अरोड़ा ने दावा किया कि उसने पार्टी के लिए 32 लाख रुपये का फंड इकट्ठा किया था. ईडी का आरोप है था कि संजय सिंह इस पूरे तथाकथित घोटाले के मुख्य साजिशकर्ता हैं.
ईडी
ने आरोप लगाया कि संजय सिंह ने अवैध रूप से पैसा बनाया, जो शराब नीति
घोटाले से बनाया गया अपराध का पैसा था. वह शराब समूहों से रिश्वत इकट्ठा
करने की साजिश का हिस्सा थे. उनका 2017 से दिनेश अरोड़ा के साथ गहरे संबंध
है, जैसा कि अरोड़ा के साथ उनकी कॉल रिकॉर्ड से भी पता चलता है. ईडी ने
दावा किया था कि अरोड़ा ने जांचकर्ताओं को बताया था कि उन्होंने संजय सिंह
के कहने पर कई रेस्तरां मालिकों से बात की थी.
जांच एजेंसी ने आरोप
लगाया था कि दिनेश अरोड़ा ने चुनावों के लिए पार्टी फंड इकट्ठा करने के लिए
82 लाख रुपये के चेक की व्यवस्था भी की थी. ईडी ने यह भी आरोप लगाया था कि
अरोड़ा ने संजय सिंह को 2 करोड़ रुपये नकद दिए थे. ये रिश्वत एक-एक करोड़
रुपये कर दो बार दिए गए थे. रिश्वत का पैसा संजय सिंह को अगस्त 2021 से
अप्रैल 2022 के बीच दिए जाने की बात कही गई थी. इसे लेकर ही ईडी ने पूछताछ
के बाद राज्यसभा सांसद को गिरफ्तार किया था.
जेल से बाहर आने के बाद क्या बोले संजय सिंह?
संजय
सिंह जैसे ही जेल से बाहर आए, उन्होंने सरकार के खिलाफ तल्ख तेवर दिखाए.
उन्होंने जमानत के बाद बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह दिल्ली में मुफ्त पानी,
बिजली और मोहल्ला क्लीनिक बंद कराना चाहती है. इसलिए ही दिल्ली के
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा मांगा जा रहा है. संजय सिंह ने जेल
के बाहर अपने समर्थकों से कहा कि ये वक्त जश्न मनाने का नहीं, बल्कि
संघर्ष का समय है. इस दौरान संजय सिंह के समर्थन में खूब नारेबाजी भी की
गई.
आप नेता जमानत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री
अमित शाह पर हमला बोला. उन्होंने कहा, "पीएम मोदी कान खोलकर सुन लें.
पार्टी के नेता से लेकर विधायक और कार्यकर्ता तक हर कोई अरविंद केजरीवाल के
साथ खड़ा है. बीजेपी वाले पूछ रहे हैं कि केजरीवाल इस्तीफा क्यों नहीं दे
रहे हैं. असल में ये लोग केजरीवाल का इस्तीफा नहीं मांग रहे हैं, बल्कि ये
कह रहे हैं कि वह दिल्ली में मुफ्त बिजली और मोहल्ला क्लिनिक क्यों नहीं
बंद कर रहे हैं."
संजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा,
"अगर विपक्ष शासित पश्चिम बंगाल, पंजाब और तमिलनाडु की पुलिस उनके दरवाजे
पर दस्तक देगी तो क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जांच में शामिल होंगे."
उन्होंने आगे कहा, "कल को तेलंगाना के मुख्यंमत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक
के सीएम सिद्धारमैया के राज्य की पुलिस गृह मंत्री अमित शाह के पास आ जाए,
तो क्या आप कहेंगे कि मैं तो गृह मंत्री हूं. इस नाटक को बंद कीजिए,
क्योंकि केजरीवाल इस्तीफा नहीं देंगे."

