प्रसार भारती - प्रसारण और प्रसार के लिए साझा श्रव्य-दृश्य (पीबी-शब्द): एक व्यापक समाचार साझाकरण सेवा

 


प्रसार भारती - प्रसारण और प्रसार के लिए साझा श्रव्य-दृश्य (पीबी-शब्द) का शुभारंभ 13 मार्च, 2024 को एक समाचार साझाकरण सेवा के रूप में किया गया था  जिसका उद्देश्य मीडिया संगठनों को हर दिन वीडियो, ऑडियो, टेक्स्ट और फोटो सहित विभिन्न प्रारूपों में निरंतर समाचार सामग्री प्रदान करना है।


1500 से भी अधिक रिपोर्टरों, संवाददाताओं एवं स्ट्रिंगरों के एक मजबूत नेटवर्क का उपयोग करके और चौबीसों घंटे काम करने वाले 60 विशेष संपादन डेस्क के सहयोग से ‘पीबी-शब्द’ भारत के हर कोने से ताजा खबरें उपलब्‍ध कराता है। क्षेत्रीय समाचार इकाइयों (आरएनयू) और मुख्यालय की ओर से संयुक्त तौर पर कृषि, प्रौद्योगिकी, विदेश मामले और राजनीतिक घटनाक्रम जैसी 50 से भी ज्‍यादा समाचार श्रेणियों को कवर करने वाली 1000 से भी अधिक समाचार सामग्री प्रतिदिन समस्‍त प्रमुख भारतीय भाषाओं में अपलोड की जाती हैं।


पीबी-शब्द के माध्यम से मुहैया कराई जाने वाली समाचार सामग्री लोगो-मुक्त है, और इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध समाचार सामग्री का उपयोग करने पर किसी क्रेडिट की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अतिरिक्त, इस सेवा में एक लाइव फीड सुविधा शामिल है, जो राष्ट्रपति भवन में आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार समारोहों, चुनावी रैलियों, महत्वपूर्ण राजनीतिक आयोजनों, और विभिन्न संवाददाता सम्मेलनों जैसे लाइव कार्यक्रमों की विशेष कवरेज बिना किसी लोगो के सुलभ कराती है।


ग्राहकों या सदस्‍यों की पहुंच को और ज्‍यादा बढ़ाने के लिए एक मीडिया रिपॉजिटरी को एक अभिलेखीय पुस्तकालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे ग्राहक दूरदर्शन और आकाशवाणी के पुस्तकालयों से दुर्लभ एवं अभिलेखीय फुटेज को आसानी से प्राप्‍त कर सकेंगे, और इसके साथ ही विशेष क्यूरेटेड पैकेज भी प्राप्त कर सकेंगे। ‘पीबी-शब्‍द’ दरअसल मीडिया संगठनों के लिए साइन अप और उपयोग करने के लिए मार्च 2025 तक निःशुल्क है।

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