दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के फर्जी चेक से 10 करोड़ की ठगी का प्रयास, आरोपी को 3-3 साल की सजा
भोपाल, 24 फरवरी 2026।संभागीय जनसंपर्क अधिकारी भोपाल मनोज त्रिपाठी के अनुसार माननीय न्यायालय अतुल सक्सेना, 23वें अपर सत्र न्यायाधीश, भोपाल द्वारा फर्जी चेक के माध्यम से राशि आहरण करने का प्रयास करने वाले आरोपी शौकीन्द्र कुमार पिता धर्मपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई गई है।
न्यायालय ने आरोपी को धारा 420 सहपठित धारा 511 भादवि के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड तथा धारा 474 भादवि के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल आकिल खान ने पैरवी की।
घटना का विवरण
प्रकरण के अनुसार पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को कंपनी के अध्यक्ष भारत जी द्वारा लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि कंपनी द्वारा पूर्व में जारी चेक क्रमांक 492400 राशि 3,000 रुपये, जो कर्मचारी अंकुर कुमार को दिया गया था, उसकी क्लोनिंग कर अज्ञात व्यक्ति द्वारा 10 करोड़ रुपये का फर्जी चेक तैयार किया गया।
यह फर्जी चेक 27 फरवरी 2020 को देव कंस्ट्रक्शन के नाम से केनरा बैंक, जिला मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश में प्रस्तुत किया गया। क्लियरिंग शाखा द्वारा जांच में पाया गया कि उक्त क्रमांक का मूल चेक पहले ही आहरित हो चुका है। इसके बाद बैंक ने भुगतान पर रोक लगाते हुए संबंधित शाखा को सूचना दी।
सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल में अपराध क्रमांक 144/2020 धारा 420, 511 एवं 474 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। संपूर्ण जांच उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों एवं तर्कों से सहमत होते हुए आरोपी को दोषसिद्ध ठहराते हुए उपरोक्त सजा का निर्णय पारित किया।

