ट्रेन छूटने से एक घंटे पहले कैंसिल की टिकट, कितना मिलेगा रिफंड

 ट्रेन छूटने से एक घंटे पहले कैंसिल की टिकट, कितना मिलेगा रिफंड

भारत में बड़ी संख्या में लोग रोज ट्रेन से सफर करते हैं. लंबी दूरी हो या छोटी, ट्रेन किफायती और आरामदायक ऑप्शन मानी जाती है. टिकट बुक करना आसान है. लेकिन परेशानी तब बढ़ती है जब ट्रेन बहुत लेट हो जाए या यात्रा योजना अचानक बदलनी पड़े. ऐसे समय सबसे बड़ा सवाल रिफंड को लेकर उठता है. 



खासकर जब टिकट ट्रेन छूटने से करीब एक घंटे पहले कैंसिल की जाती है. तब यात्रियों को समझ नहीं आता कि कितनी रकम वापस मिलेगी. भारतीय रेलवे ने रिफंड को लेकर साफ नियम तय किए हैं. इन नियमों को समझ लेने से नुकसान से बचा जा सकता है. जान लीजिए क्या हैं रिफंड के लिए नियम? कितना कटता टिकट कैंसिल करने पर चार्ज.


एक घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कितना रिफंड?

रेलवे नियमों के अनुसार अगर आपकी ट्रेन निर्धारित समय से 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट है. तो आप पूरा रिफंड पाने के हकदार होते हैं. बशर्ते आप सफर न करें. ऐसी सिचुएसन में टिकट कैंसिल करने के बजाय TDR फाइल करना जरूरी होता है. वहीं अगर आप ट्रेन चलने के टाइम से करीब एक घंटे पहले अपनी टिकट खुद कैंसिल करते हैं. 


तो रिफंड नियम अलग होते हैं. इस सिचुएशन में पूरा पैसा वापस नहीं मिलता. बल्कि कुछ कैंसिलेशन चार्ज काटकर बाकी राशि लौटाई जाती है. यह कटौती आपकी टिकट की कैटेगरी और कैंसिलेशन टाइम पर डिपेंड करती है. इसलिए अगर ट्रेन लेट और लेकिन ट्रेन लेट नहीं है और आप खुद कैंसिले कर रहे हैं. तो दोनों मामलों में रिफंड प्रोसेस अलग होती है.


कितना लगता है कैंसिलेशन चार्ज?

कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर रेलवे समय और क्लास के हिसाब से कैंसिलेशन चार्ज काटता है. अगर आप ट्रेन चलने से 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं. तो फिक्स चार्ज के तहत कटौती होती है. एसी फर्स्ट में 240 रुपये, 2AC में 200 रुपये, 3AC में 180 रुपये, स्लीपर में 120 रुपये और सेकंड क्लास में 60 रुपये काटे जाते हैं. 48 से 12 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर कुल किराये का 25 प्रतिशत कटता है. वहीं 12 से 4 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 50 प्रतिशत किराया काट लिया जाता है. समय जितना कम बचता है कटौती उतनी ज्यादा होती जाती है.

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