अखिलेश यादव बोले- नीतीश कुमार के पास था प्रधानमंत्री बनने का मौका, पर उन्होंने रास्ता बदल लिया
सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि हम सब लोग मिलकर नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे. लेकिन अब वो ऐसे मुख्यमंत्री रहे जो राज्यसभा सदस्य के रूप में रिटायर होंगे. सपा प्रमुख ने कहा कि जो लोग राजनीति को समझते हैं उन्हें पहले दिन ही पता था कि भारतीय जनता पार्टी क्या कदम उठाएगी. हम तो चाहते थे कि वो (नीतीश कुमार) प्रधानमंत्री के रूप में रिटायर हों लेकिन अब वो राज्यसभा के मेंबर होकर ही रिटायर हो जाएंगे.
ईरान-इजरायल युद्ध पर क्या बोले?
अखिलेश यादव ने कहा, "हम युद्ध के पक्ष में नहीं हैं. समाजवादी पार्टी कभी युद्ध के पक्ष में नहीं रही है. युद्ध नुकसान करता है, युद्ध जानें लेता है. युद्ध के परिमाण हमेशा दुखदायी होते हैं, दुख पहुंचाते हैं. युद्ध के पक्ष में हम लोग नहीं हैं."
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और शोक जताने से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "जहां भारत सरकार को अपना पक्ष रखना चाहिए वहां मजबूरी में विपक्ष को अपना पक्ष रखना पड़ रहा है. इतनी कमजोर सरकार शायद किसी ने नहीं देखी होगी."
सरकार की विदेश नीति पर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
सरकार की विदेश नीति पर उन्होंने कहा, "विदेश नीति पर हमसे चर्चा मत कराओ. विदेश नीति जो दिख रही है, वो नहीं है. अंदर ही अंदर कहां हाथ किससे मिले हुए हैं, किसी को नहीं पता. कारोबार से हमलोग जुड़ रहे हैं. चीन से हम कितना कारोबार कर रहे हैं, फ्रांस से हम कितना कारोबार कर रहे हैं, रूस और अमेरिका से हम कितना बड़ा कारोबार कर रहे हैं, यूरोप में कई देशों से फ्री-ट्रे़ड एग्रीमेंट कर चुके हैं. पड़ोसी देशों से हमारे दूसरे तरह के संबंध हैं. आज जो सरकार है उसने भारत को विदेश नीति में उलझा दिया है."
गंगा-जमुनी तहजीब हिंदुस्तान की पहचान- अखिलेश यादव
लखनऊ में इफ्तार पार्टी में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि ये हिंदुस्तानीयत की पहचान है कि हम सब लोग एक दूसरे के त्योहार में शामिल होते हैं. हमारी संस्कृति एक दूसरे से मिली जुली है. यही गंगा-जमुनी तहजीब है. अलग जाति-धर्म के इतने लोग एक साथ कहीं नहीं रहते होंगे जितने हमारे देश में रहते हैं. अभी हम लोगों ने होली मनाई जिसमें हम लोग गले मिले. कुछ दिनों में ईद मनाएंगे और फिर गले मिलेंगे.

