दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट का झूठा मामला दर्ज कराने वाली महिला को 10 साल की सजा

 दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट का झूठा मामला दर्ज कराने वाली महिला को 10 साल की सजा
दुष्कर्म व एससी-एसटी एक्ट में झूठा मामला दर्ज कराने पर महिला को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार 500 रुपये के अर्थदंड की सजा न्यायालय ने सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश भंडारी ने वैभवी सनोरिया प्रकरण में शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।




कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि हाल के समय में झूठे प्रकरण दर्ज कराने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो न्याय प्रणाली के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे मामलों से न केवल न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है, बल्कि आम लोगों के बीच न्याय व्यवस्था के प्रति अविश्वास भी बढ़ता है।

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