जलूद सोलर प्लांट राष्ट्रीय उपलब्धि है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 जलूद सोलर प्लांट राष्ट्रीय उपलब्धि है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जलूद सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण मध्यप्रदेश के साथ देशभर के लिए महत्वपूर्ण है। यहां सूर्य के प्रकाश को बिजली के रूप में बदलकर इंदौर नगर निगम लाभान्वित हो रहा है। लगभग 60 मेगावॉट क्षमता की इस परियोजना में भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग मिला है। ग्रीन बॉन्ड स्कीम के माध्यम से इस परियोजना में देश की जनता को भागीदार (पार्टनर) बनाया है। पीपीपी मोड में कार्य करने वाला यह अपनी तरह का देश का प्रथम संयंत्र है। इस तरह से इस राष्ट्रीय उपलब्धि का श्रेय मध्यप्रदेश को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगोन जिले में महेश्वर के निकट जलूद में 271 करोड़ की लागत से बने 60 मेगावाट सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संयंत्र का अवलोकन भी किया।




मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस परियोजना में कोई भी व्यक्ति एक-एक लाख के 10 बॉन्ड खरीद सकता है। एक लाख पर लगभग 8 प्रतिशत की बचत होगी, जिसका लाभ 20 साल तक मिलेगा। अगर जरूरत पड़े तो इस बॉन्ड को बेचा भी जा सकता है। इस प्रकार से राज्य सरकार ने घर बैठे लोगों को पैसे कमाने का अवसर दिया है। मध्यप्रदेश सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है। हमारी बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चल रही है। जलूद सोलर पॉवर प्लांट का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री    नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2023 में किया था। लोकार्पण अवसर पर प्रदेश में हरित ऊर्जा पर जारी कार्यों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलूद सोलर पॉवर प्लांट से दोहरा लाभ मिलेगा। इंदौर नगर निगम को बिजली तो मिलेगी ही, साथ में कार्बन उत्सर्जन भी कमी आएगी। बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी का नवाचार सर्वोत्तम है। इस परियोजना की लागत 10 साल में निकल जाएगी, अगले 10 साल सिर्फ लाभ के होंगे। मध्यप्रदेश बदल रहा है। एक समय था, जब रात में बिजली कटौती होती थी, दिन में बिजली तो मिलती ही नहीं थी।

जनभागीदारी से बना देश का पहला सोलर प्लांट
महापौर इंदौर    पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जलूद से ही नर्मदा मैया का जल 70 किलोमीटर दूर इंदौर तक पहुंचता है। जलूद में बुधवार को 300 करोड़ लागत के 60 मेगावाट क्षमता के सोलर पॉवर प्लांट का शुभारंभ हुआ है। यह ऐतिहासिक प्लांट केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई ग्रीन बॉन्ड व्यवस्था की मदद से बनकर तैयार हुआ है। इंदौर नगर निगम देश का पहला नगरीय निकाय है, जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाया है। इस सोलर प्लांट में देश के 28 राज्यों का योगदान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस कार्य में आई सभी बाधाओं को बिना किसी देरी किए दूर किया और महेश्वर में जनभागीदारी से बने देश के पहले सोलर प्लांट का सपना साकार हो पाया है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य    सुमेर सिंह सोलंकी, विधायकगण सु   ऊषा ठाकुर,    महेंद्र हार्डिया, विधायक    सचिन बिरला    रमेश मेंदोला,    गोलू शुक्ला,    मधु वर्मा के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

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