दतिया विधानसभा उपचुनाव में 71.44% मतदान हुआ

MP-मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में गुरुवार को 71.44 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस चुनाव में मतदाताओं ने केवल नया विधायक चुनने के लिए ही मतदान नहीं किया, बल्कि प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और दतिया से तीन बार विधायक रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक साख की भी अहम परीक्षा हो गई। अब 3 अगस्त को आने वाला परिणाम भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ-साथ डॉ. मिश्रा की भविष्य की राजनीतिक भूमिका पर भी असर डाल सकता है।




टिकट नहीं मिला, फिर भी पार्टी के साथ खड़े रहे
दतिया सीट रिक्त होने के बाद से ही डॉ. नरोत्तम मिश्रा उपचुनाव की तैयारियों में सक्रिय थे। हालांकि, भाजपा ने उन्हें टिकट देने के बजाय आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। टिकट की घोषणा के बाद उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन डॉ. मिश्रा ने पार्टी अनुशासन का पालन करते हुए सार्वजनिक तौर पर किसी तरह की नाराजगी नहीं दिखाई और भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया।

नतीजे से तय होगी आगे की राजनीतिक दिशा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि भाजपा यह सीट जीतती है तो इसे डॉ. नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की पुष्टि माना जाएगा। वहीं, यदि पार्टी को हार का सामना करना पड़ता है तो इसे उनके समर्थकों की नाराजगी और स्थानीय समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा सकता है।

हालांकि, पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि डॉ. मिश्रा जैसे जनाधार वाले नेता को लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रखना भाजपा के लिए आसान नहीं होगा। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन उन्हें किसी महत्वपूर्ण भूमिका में आगे ला सकता है।
सलिए हुआ उपचुनाव

दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया गया। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराया था। ऐसे में इस उपचुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।

Previous Post Next Post