युवाओं से लेकर AI तक, CM साय ने पेश किया छत्तीसगढ़ की नई अर्थव्यवस्था का विजन

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर और भविष्य की विकास रणनीति पेश की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर अर्थव्यवस्था नहीं रहेगा। राज्य की नई विकास नीति में युवा शक्ति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, हरित ऊर्जा और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग को प्रमुख आधार बनाया जा रहा है।




युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब क्रिएटर बनाने का लक्ष्य
सीएम साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि निवेश को रोजगार, उद्यमिता और बेहतर आय के अवसरों में बदलना है। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के साथ-साथ नए व्यवसाय शुरू कर रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया।

छत्तीसगढ़ ने 2030 तक 5,000 स्टार्टअप विकसित करने का लक्ष्य रखा है। नए उद्यमियों को अपने इनोवेटिव आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग देने की व्यवस्था भी बताई गई है।

6 लाख छात्रों को AI की ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 500 करोड़ रुपये की AI मिशन के तहत तकनीकी शिक्षा और डिजिटल कौशल पर बड़ा जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। इसके अलावा 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने की योजना है।

नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क
AI और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में AI डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की योजना है। इसके साथ 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से अधिक AI स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश के लिए नए सेक्टर पर फोकस
सीएम साय ने कहा कि स्टील, सीमेंट और खनिज आधारित उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण बने रहेंगे, लेकिन अब निवेश के नए क्षेत्रों पर भी जोर दिया जा रहा है। इनमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था वर्ष 2025-26 में करीब 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंची और राज्य ने 11.57 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की। सरकार का प्रयास है कि तकनीक, निवेश और युवा उद्यमिता के जरिए छत्तीसगढ़ को नई आर्थिक पहचान दी जाए।

Previous Post Next Post