मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का खास दिन, जानें वरलक्ष्मी व्रत की तारीख और पूजा विधि

 हिंदू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत माता लक्ष्मी के वरलक्ष्मी स्वरूप को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष के अंतिम शुक्रवार को मनाया जाता है।




वरलक्ष्मी व्रत 2026 की तारीख
इस साल वरलक्ष्मी व्रत 28 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। दक्षिण भारत में इस पर्व को विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। व्रत के दिन महिलाएं माता लक्ष्मी की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।

वरलक्ष्मी पूजा का शुभ समय
पूजा का सबसे सही समय स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इसलिए पूजा का मुहूर्त अपने शहर के सूर्योदय और तिथि के आधार पर देखना उचित माना जाता है। वरलक्ष्मी व्रत श्रावण शुक्ल पक्ष के अंतिम शुक्रवार को पड़ता है।

वरलक्ष्मी व्रत की पूजा विधि
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर कलश स्थापित करें। कलश में जल भरकर उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डालें तथा आम के पत्ते लगाकर ऊपर नारियल रखें।

इसके बाद कलश को माता लक्ष्मी के स्वरूप के रूप में सजाएं। माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं और उन्हें फूल, अक्षत, रोली, कुमकुम, फल और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद लक्ष्मी मंत्र का जाप करें और वरलक्ष्मी व्रत की कथा का श्रवण या पाठ करें।

पूजा के अंत में माता लक्ष्मी की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें। धार्मिक परंपराओं में कलश, नारियल और आम के पत्तों से पूजा करने को वरलक्ष्मी पूजन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान
वरलक्ष्मी व्रत के दौरान श्रद्धालुओं को सात्विक भोजन, संयम और शुद्धता का पालन करना चाहिए। पूजा में मन को शांत रखते हुए माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए। व्रत रखने की क्षमता व्यक्ति की सेहत और व्यक्तिगत परिस्थितियों पर निर्भर करती है, इसलिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर कठोर उपवास से बचना उचित है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, वरलक्ष्मी व्रत श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि बनी रहती है।

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