शहर के मानस भवन में पंडित रमाकांत दुबे स्मृति समारोह रामकथा प्रसंग का आयोजन
भोपाल। शहर के श्यामला हिल्स िस्थत मानस भवन में कीर्तिपुरुष पंडित रमाकांत दुबे स्मृति समारोह की पांच दिवसीय प्रवचन श्रृंखला के दूसरे दिन दीदी भक्तिप्रभा ने श्रद्धालुओं से कहा कि श्रीराम कथा में विषय रामकाज कीन्हें बिनु मोहि कहीं विश्राम।। दोहे पर केंद्रित दीदी ने बताया कि श्री हनुमान रामकाज के अधिकारी इसलिए है कि उनमें निरामिमानता की पराकाष्ठा है। वे सकल गुण निधान होते हुए भी स्वयं को भगवान श्रीराम के सेवक के रूप में ही अपने कृतित्व को संसार के सम्मुख रखते हैं। श्री हनुमानजी में बल के साथ बुद्धि का भी समन्वय है, इसलिए सुदरकांड में सर्पों की माता सुरसा उन्हें रामकाज का अधिकारी मानते हुए बल और बुद्धि के निधान की उपमा देती है। संसार में बल के प्रयोग के साथ यदि हम बुद्धि का भी समन्वय रखते हैं, तभी हमारी समस्याओं का समाधान होता है, इसलिए यह प्रसंग वर्तमान में भी प्रासंगिक है। सेवक यहीं हो सकता है जो देहाभिमान से परे होकर संसार को राममय जाने। श्री हनुमानजी की यही विशेषता उन्हें माता सीता की कृपा का अधिकारी भी बनाती है। सुंदरकांड में सीताजी अशोक वाटिका में उन्हें अजर अमर गुण निधि सुत होहु का आशीर्वाद देती है। इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हम सब सांसारिक प्राणी है। संसार में रहते हुए हम सब पर माया का प्रभाव होना स्वाभाविक है। पर सत्संग ही वह यह माध्यम है कि जिसके प्रभाव से हमारा मन और आत्मा माया से परे हो जाती है, इसलिए हमारी सनातन संस्कृति में सत्संग का सबसे अधिक महत्व बताया है। कार्यक्रम में दरभंगा बिहार के देवकी नंदन मिश्र स्मृति सम्मान 2024 के अंतर्गत शहर के प्रहलाद दास मंगल सम्मानित किया गया।

