एनआइसी का सर्वर एक सप्ताह से कर रहा पेरशान, भटक रहे आवेदक
भोपाल, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआइसी) के पोर्टल वाहन-चार और सारथी परिवहन पोर्टल करीब एक सप्ताह से घुटने टेक रहा है। बार-बार सर्वर बंद व धीमा होने से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय(आरटीओ)संबंधी आनलाइन कार्य नहीं हो पा रहे हैं। लोग कोकता ट्रांसपोर्ट नगर में आरटीओ के सामने बने कियोस्क पर आनलाइन आवेदन कराने जाते हैं या फिर स्वयं कंम्प्यूटर व मोबाइल के जरिए लर्निंग व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, स्थानातंरण, एनओसी, परमिट सहित अन्य कार्यों के लिए आवेदन नहीं हो रहे। आरटीओ से संबंधित कार्य का निर्धारित शुल्क जमा नहीं हो पा रहा है। सर्वर बंद व धीमा होने की समस्या होने से कई बार शुल्क जमा हो जाता है, लेकिन ओटीपी व पासवर्ड नहीं आता है। ऐसे में लोगों के समय पर काम नहीं हो पा रहे हैं। परेशान लोग आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं। हर दिन आरटीओ में लोग काम कराने आते हैं और सर्वर बंद होने से बिना काम कराए वापस लौट रहे हैं। लोगों की समस्या को देखते हुए आरटीओ संजय तिवारी ने सोमवार को एक हेल्प डेस्क बनाई है। इसका प्रभारी आरटीओ कर्मचारी कमल कुशवाह को बनाया है, लेकिन आनलाइन आवेदन के लिए एनआइसी के दोनों पोर्टल का सर्वर बंद व धीमा होने से काम नहीं हो पा रह हैं तो हेल्प डेस्क की सुविधा का कोई मतलब ही नहीं निकल रहा है। मंगलवार को नवदुनिया ने हेल्प डेस्क, ड्राइविंग लाइसेंस शाखा, लाइसेंस नवीनीकरण शाखा में जाकर देखा तो आरटीओ के कर्मचारी, स्मार्टचिप के कर्मचारियों व आरटीओ के बाहर कियोस्क संचालकों ने कहा कि करीब एक सप्ताह से आरटीओ संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। एनआइसी के अधिकारी कहां बैठते हैं, पता नहीं? शिकायत करने कहां जाएं?इससे अच्छा है कि पहले एमपी ट्रांसपोर्ट पोर्टल पर स्मार्टचिप कंपनी के सहयोग से आसानी से काम हो जाते थे। बता दें कि आरटीओ में हर दिन 250 से अधिक परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस, 60 वाहनों की फिटनेस, 300 वाहनों के पंजीयन, 100 से अधिक वाहनों के स्थानांतरण समेत परमिट, एनओसी के कार्य होते हैं। हर दिन एक हजार से अधिक लोग आरटीओ विभिन्न कार्य कराने पहुंचते हैं।

