मुरैना शहर की सवा तीन लाख की आबादी को साल 2050 तक पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सरकार ने चंबल वाटर प्रोजेक्ट स्वीकृत किया। इसके लिए भरपूर बजट भी दिया, लेकिन सुस्त गति के कारण इस प्रोजेक्ट का काम लगातार पिछड़ता जा रहा है। जिस गति से काम चल रहा है, उससे यह प्रोजेक्ट 2025 के अंत तक पूरा हो जाए तो बड़ी बात है, जबकि इस प्रोजेक्ट के पूरे होने की अवधि दिसंबर 2024 है।
मुरैना शहर में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है, इस कारण पेयजल संकट साल दर साल बढ़ता जा रहा है। इस समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 215 करोड़ रुपये की लागत से मुरैना शहर के 44 हजार परिवारों को आगामी 25 साल के लिए चंबल नदी से पानी लाने वाला चंबल वाटर प्राेजेक्ट मंजूर किया।

