आध्यात्मिक पर्यटन का नया हब बनेगा नेपाल

 आध्यात्मिक पर्यटन का नया हब बनेगा नेपाल
नेपाल अब खुद को दुनिया के बड़े आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की तैयारी में जुट गया है। राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने संसद में ‘देवभूमि नेपाल’ राष्ट्रीय अभियान की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य नेपाल की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है।




सरकार का फोकस पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ और जनकपुरधाम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने पर रहेगा। इसके साथ ही महाभारत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना भी तैयार की गई है, ताकि विदेशी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा में आसानी हो सके।

डिजिटल सेवाओं और पर्यटन ढांचे पर जोर
नेपाल सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल सेवाओं पर तेजी से काम कर रही है। सरकार ने सभी पर्यटक वीजा सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है, जिससे विदेशी यात्रियों के लिए नेपाल आने की प्रक्रिया पहले से आसान हो जाएगी।

इसके अलावा पर्वतारोहण और साहसिक पर्यटन को सुरक्षित बनाने के लिए नई प्रणालियां विकसित की जाएंगी। सरकार का मानना है कि बेहतर सुरक्षा और आधुनिक सुविधाएं नेपाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में और मजबूत बनाएंगी।

भैरहवा और पोखरा एयरपोर्ट से बढ़ेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए नेपाल सरकार हवाई अड्डों के विस्तार पर भी काम करेगी। भैरहवा और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है।

सरकार का लक्ष्य हवाई अड्डों पर सेवाओं में सुधार करना और यात्रियों का प्रतीक्षा समय कम करना है। इससे धार्मिक और साहसिक पर्यटन को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
खुलेगा नया तीर्थाटन विभाग

पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के तहत एक नया तीर्थाटन विभाग भी बनाया जाएगा। यह विभाग महाभारत क्षेत्र से मानस खंड तक बुनियादी ढांचे के विकास पर काम करेगा। नेपाल सरकार अब केवल प्राकृतिक सुंदरता के सहारे पर्यटन बढ़ाने की रणनीति तक सीमित नहीं रहना चाहती। सरकार देश को सुरक्षित, आधुनिक और वैश्विक स्तर के आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में विकसित करना चाहती है।

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