भारत में हाई-वैल्यू इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की तैयारी

 भारत सरकार देश में हाई-वैल्यू और अत्याधुनिक निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की तैयारी में है। इसके लिए करीब 1.2 अरब डॉलर की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। प्रस्तावित सात वर्षीय योजना का उद्देश्य घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मशीनरी के आयात पर निर्भरता कम करना है।




इस योजना के तहत टनल बोरिंग मशीन (TBM), बहुमंजिला इमारतों में इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट, फायर-फाइटिंग उपकरण और अन्य उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर मशीनरी के घरेलू निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। TBM का इस्तेमाल मेट्रो रेल, हाईवे और अन्य भूमिगत परियोजनाओं के लिए सुरंग निर्माण में होता है।

सरकार की योजना से देश में इन उपकरणों के जरूरी कंपोनेंट्स के उत्पादन और स्थानीय वैल्यू एडिशन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रस्तावित योजना से करीब 1.8 अरब डॉलर का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य है।

भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के विस्तार के साथ अत्याधुनिक निर्माण उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ने से सप्लाई चेन मजबूत होने, विदेशी आयात पर निर्भरता घटने और देश में तकनीकी क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।

सरकार का यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतिम मंजूरी के बाद योजना से देश की निर्माण उपकरण इंडस्ट्री में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

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