सिंहस्थ सेवा कार्य के लिए मुख्यमंत्री निवास में हुई भारत स्काउट एण्ड गाइड की विशेष संगोष्ठी

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आयुर्वेद को भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा परंपरा बताते हुए इसके संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।




मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, खान-पान और रोगों से बचाव की समग्र दृष्टि भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी मजबूत किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा और इससे जुड़ी सुविधाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थानों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ लोगों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की उपयोगिता को आधुनिक संदर्भ में और प्रभावी बनाने के लिए अनुसंधान, नवाचार तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना जरूरी है। युवा पीढ़ी को भारत की इस प्राचीन चिकित्सा विरासत से जोड़ने के प्रयास भी किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में आयुर्वेद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ आयुर्वेद और अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी आगे बढ़ाया जाए।

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